NAKSHTRA AND BIJ MANTRAS

मैं सभी 27 नक्षत्रों (मुख्य रूप से ज्योतिष में उपयोग होने वाले) के स्वामी ग्रह और उनके मंत्र (Beej Mantra/ध्यान मंत्र) की सूची दे रहा हूँ। ये मंत्र स्वामी ग्रह की ऊर्जा को सशक्त बनाने और नक्षत्रों के प्रभाव को संतुलित करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।

नक्षत्र स्वामी ग्रह बीज मंत्र / ध्यान मंत्र
अश्विनी (Ashwini) केतु ॐ केतुं बध्नामि
भरणी (Bharani) शुक्र ॐ श्रीं शुक्राय नमः
कृत्तिका (Krittika) सूर्य ॐ सूर्याय नमः
रोहिणी (Rohini) चन्द्र ॐ सोमाय नमः
मृगशिरा (Mrigashira) बुध ॐ बुद्धाय नमः
आद्रा (Ardra) राहु ॐ राहवे नमः
पुनर्वसु (Punarvasu) बृहस्पति ॐ गुरवे नमः
पुष्य (Pushya) Saturn / शनि ॐ शनैश्चराय नमः (कुछ पद्धतियों में गुरु)
अश्लेषा (Ashlesha) बुध ॐ बुद्धाय नमः
मघा (Magha) केतु ॐ केतुं बध्नामि
पूर्वफाल्गुनी (Purva Phalguni) शुक्र ॐ श्रीं शुक्राय नमः
उत्तरफाल्गुनी (Uttara Phalguni) सूर्य ॐ सूर्याय नमः
हस्त (Hasta) चन्द्र ॐ सोमाय नमः
चित्रा (Chitra) मंगळ ॐ अंगारकाय नमः
स्वाति (Swati) राहु ॐ राहवे नमः
विशाखा (Vishakha) बृहस्पति ॐ गुरवे नमः
अनुराधा (Anuradha) शनि ॐ शनैश्चराय नमः
ज्येष्ठा (Jyeshtha) बुध ॐ बुद्धाय नमः
मूला (Mula) केतु ॐ केतुं बध्नामि
पूर्वाषाढा (Purva Ashadha) शुक्र ॐ श्रीं शुक्राय नमः
उत्तराषाढा (Uttara Ashadha) सूर्य ॐ सूर्याय नमः
श्रवण (Shravana) चन्द्र ॐ सोमाय नमः
धनिष्ठा (Dhanishta) मंगळ ॐ अंगारकाय नमः
शतभिषा (Shatabhisha) राहु ॐ राहवे नमः
पूर्वभाद्रपद (Purva Bhadrapada) गुरु ॐ गुरवे नमः
उत्तरभाद्रपद (Uttara Bhadrapada) शनि ॐ शनैश्चराय नमः
रेवती (Revati) बृहस्पति ॐ गुरवे नमः

💡 टिप्स:

  1. यदि किसी नक्षत्र का स्वामी ग्रह मजबूत न हो तो उसका मंत्र प्रतिदिन 108 बार या कम से कम 21 बार जपना लाभकारी होता है।

  2. मंत्र का उच्चारण ध्यानपूर्वक और शुद्ध उच्चारण के साथ करना चाहिए।

  3. ग्रह की प्रबलता बढ़ाने के लिए ग्रह के साथ संबंधित रंग, धातु, या पूजा भी की जा सकती है।