सभी 9 ग्रहों का संपूर्ण मार्गदर्शन दूँगा जिसमें स्वामी ग्रह, मंत्र, आहुति सामग्री, संख्या, रंग, धातु, पूजा दिन और विशेष उपयोग

मैं आपको सभी 9 ग्रहों और उनके नक्षत्रों के अनुसार पूजा/हवन/अर्घ्य में कितनी आहुति, क्या डालनी चाहिए और कब करनी चाहिए इसका संपूर्ण मार्गदर्शन दे देता हूँ। इसे आप रोज़ या विशेष दिन/नक्षत्र के अनुसार प्रयोग कर सकते हैं।


1️⃣ सूर्य (सूर्य नक्षत्र: कृत्तिका, उत्तरफाल्गुनी, उत्तराषाढा)

  • पूजा का दिन: रविवार

  • आहुति सामग्री: तिल, गुड़, गेंहू, चावल

  • संख्या: 11 या 21 बार

  • मंत्र: ॐ सूर्याय नमः

  • विशेष: सुबह 6–7 बजे सूर्योदय के समय स्वच्छ जगह पर हवन/अर्घ्य करें।


2️⃣ चन्द्र (रोहिणी, हस्त, श्रवण)

  • पूजा का दिन: सोमवार

  • आहुति सामग्री: दूध, चावल, चाँदी के छोटे वस्तु, चावल

  • संख्या: 11, 21 या 108 बार

  • मंत्र: ॐ सोमाय नमः

  • विशेष: अमावस्या या पूर्णिमा को करें तो लाभ बढ़ता है।


3️⃣ मंगल (चित्रा, धनिष्ठा)

  • पूजा का दिन: मंगलवार

  • आहुति सामग्री: लाल चावल, लाल वस्तु (लाल कपड़ा), लाल फूल

  • संख्या: 11 या 21 बार

  • मंत्र: ॐ अंगारकाय नमः

  • विशेष: मंगल दोष या युद्ध/साहस में वृद्धि के लिए।


4️⃣ बुध (मृगशिरा, अश्लेषा, ज्येष्ठा)

  • पूजा का दिन: बुधवार

  • आहुति सामग्री: हरित (हरा) वस्तु, हल्दी, हरे फल

  • संख्या: 11, 21 बार

  • मंत्र: ॐ बुद्धाय नमः

  • विशेष: बुद्धि, व्यापार, वाणी के लिए।


5️⃣ गुरु / बृहस्पति (पुनर्वसु, विशाखा, रेवती)

  • पूजा का दिन: गुरुवार

  • आहुति सामग्री: हलवा, गेंहू, पीला वस्त्र, बेसन के पदार्थ

  • संख्या: 11 या 21 बार

  • मंत्र: ॐ गुरवे नमः

  • विशेष: ज्ञान, शिक्षा, धर्म, व्यापार के लिए।


6️⃣ शुक्र (भरणी, पूर्वफाल्गुनी, पूर्वाषाढा)

  • पूजा का दिन: शुक्रवार

  • आहुति सामग्री: गोमती चक्र, शहद, सिंदूर, गुलाब, दूध

  • संख्या: 11 या 21 बार

  • मंत्र: ॐ श्रीं शुक्राय नमः

  • विशेष: वैवाहिक जीवन, सौंदर्य, सुख, व्यापार में वृद्धि।


7️⃣ शनि (पूर्वाषाढ़ा, अनुराधा, उत्तरभाद्रपद)*

  • पूजा का दिन: शनिवार

  • आहुति सामग्री: तिल, काले तिल, काले वस्त्र, काला उबटन, काले चने

  • संख्या: 11 या 21 बार

  • मंत्र: ॐ शनैश्चराय नमः

  • विशेष: करियर, कष्ट, रोगों और न्याय में बल।


8️⃣ राहु (आद्रा, स्वाति, शतभिषा)

  • पूजा का दिन: शनिवार या बुधवार

  • आहुति सामग्री: काला तिल, काले वस्त्र, काले फल, गुड़

  • संख्या: 11 या 21 बार

  • मंत्र: ॐ राहवे नमः

  • विशेष: छुपे हुए संकट, जोखिम, विदेश यात्रा, रहस्य के लिए।


9️⃣ केतु (अश्विनी, मघा, मूला)

  • पूजा का दिन: मंगलवार या गुरुवार

  • आहुति सामग्री: धूप, हल्दी, गुड़, सूखे मेवे, कच्चे तिल

  • संख्या: 11 या 21 बार

  • मंत्र: ॐ केतुं बध्नामि

  • विशेष: मानसिक शांति, अध्यात्म, रोग मुक्ति।


🔹 सामान्य नियम और सुझाव

  1. माला का प्रयोग: ग्रह के अनुसार माला (रत्न या धातु) या साधारण Rudraksha माला से जपना लाभकारी है।

  2. आहुति संख्या: अगर विशेष व्रत या ग्रह शांति है, तो 21 या 108 बार करें। सामान्य दिन में 11 बार पर्याप्त।

  3. साफ-सफाई और श्रद्धा: हवन/पूजा स्थल साफ होना चाहिए, मन एकाग्र और श्रद्धावान।

  4. रंग-संबंधित वस्तु: ग्रह के अनुसार रंग पहनना या आहुति सामग्री में डालना शुभ होता है।


सभी 9 ग्रहों का संपूर्ण मार्गदर्शन दूँगा जिसमें स्वामी ग्रह, मंत्र, आहुति सामग्री, संख्या, रंग, धातु, पूजा दिन और विशेष उपयोग शामिल होंगे। इसे आप रोज़ाना या विशेष अवसर पर प्रयोग कर सकते हैं।


संपूर्ण ग्रह-संबंधित जानकारी

ग्रह स्वामी नक्षत्र मंत्र पूजा का दिन आहुति / सामग्री संख्या (जप/आहुति) संबंधित रंग संबंधित धातु/रत्न विशेष उपयोग
सूर्य कृत्तिका, उत्तरफाल्गुनी, उत्तराषाढा ॐ सूर्याय नमः रविवार तिल, गुड़, गेहूं, चावल 11 या 21 लाल सोना, लाल मूंगा शक्ति, स्वास्थ्य, नेतृत्व, मान-सम्मान
चन्द्र रोहिणी, हस्त, श्रवण ॐ सोमाय नमः सोमवार दूध, चावल, चाँदी के छोटे वस्तु 11, 21, 108 सफेद, हल्का नीला चाँदी, मोती मानसिक शांति, सुख, मातृत्व, सौंदर्य
मंगल चित्रा, धनिष्ठा ॐ अंगारकाय नमः मंगलवार लाल चावल, लाल फूल, लाल वस्त्र 11 या 21 लाल तांबा, मूंगा साहस, ऊर्जा, युद्ध/संघर्ष में बल
बुध मृगशिरा, अश्लेषा, ज्येष्ठा ॐ बुद्धाय नमः बुधवार हरे फल, हल्दी, हरा वस्त्र 11, 21 हरा पन्ना, बांस बुद्धि, व्यापार, वाणी, शिक्षा
गुरु / बृहस्पति पुनर्वसु, विशाखा, रेवती ॐ गुरवे नमः गुरुवार हलवा, बेसन, पीला वस्त्र 11, 21 पीला पीतल, पुखराज ज्ञान, धर्म, शिक्षा, व्यापार, सौभाग्य
शुक्र भरणी, पूर्वफाल्गुनी, पूर्वाषाढा ॐ श्रीं शुक्राय नमः शुक्रवार शहद, दूध, गुलाब, गोमती चक्र 11, 21 सफेद, गुलाबी हीरा, मोती वैवाहिक सुख, प्रेम, सौंदर्य, धन लाभ
शनि अनुराधा, उत्तरभाद्रपद ॐ शनैश्चराय नमः शनिवार तिल, काले वस्त्र, काले चने 11, 21 काला, नीला पारा, नीला नीलम कष्ट, न्याय, करियर, रोग मुक्ति
राहु आद्रा, स्वाति, शतभिषा ॐ राहवे नमः शनिवार/बुधवार काले फल, काले वस्त्र, गुड़, काले तिल 11, 21 काला, भूरा गोमेद (हाइड्रॉपिंग) जोखिम, विदेशी यात्रा, छुपे संकट, रहस्य
केतु अश्विनी, मघा, मूला ॐ केतुं बध्नामि मंगलवार/गुरुवार हल्दी, गुड़, सूखे मेवे, धूप, कच्चे तिल 11, 21 भूरा, धूसर लोहार, मूंगा मानसिक शांति, अध्यात्म, रोग मुक्ति, कर्म सुधार

🔹 टिप्स और उपयोग

  1. मंत्र जप: ग्रह दोष/कमजोरी के लिए प्रतिदिन 21 या 108 बार। सामान्य दिन में 11 बार पर्याप्त।

  2. धातु/रत्न पहनना: ग्रह की ऊर्जा बढ़ाने के लिए संबंधित धातु या रत्न धारण करें।

  3. रंग का उपयोग: पूजा या वस्त्र में ग्रह के अनुसार रंग का प्रयोग शुभ होता है।

  4. पूजा समय: ग्रह के शुभ दिन और समय में पूजा/हवन करना श्रेष्ठ।

  5. आहुति सामग्री: ग्रह और नक्षत्र के अनुसार आहुति डालें, इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।


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